गया अभी रेड जोन में है। मगध मेडिकल कॉलेज स्थित आइसोलेशन वार्ड में गया समेत अन्य जिलों के कुल 19 कोरोना पॉजिटिव भर्ती हैं। गया जिले के एकमात्र संक्रमित युवक जो टिकारी से मिले उन्हें भी मेडिकल में ही रखा गया है। क्वारंटाइन कोषाग के वरीय नोडल पदाधिकारी नरेश झा ने बताया कि अब तक कोरोना के कुल 208 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। गया जिले में अब तक छह पॉजिटिव मामले पाए गए हैं, जिनमें से पांच स्वस्थ्य हो गए हैं। मगध मेडिकल अस्पताल में कैमूर के नौ, औरंगाबाद के दो, गया के एक, नवादा का एक, जहानाबाद के एक व रोहतास के पांच समेत कुल 19 संक्रमित मरीज भर्ती हैं। 13 अन्य संदिग्ध भी इलाजरत हैं।

 राजद के प्रदेश महासचिव सह लालू-लोहिया विचार मंच के संरक्षक बीरेंद्र कुमार उर्फ बीरेन्द्र गोप ने पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखकर गया को रेड जोन में रखे जाने का विरोध किया। गया को रेड जोन से बाहर करने की माग की। यहां अभी तक मात्र छह कोरोना के पॉजीटिव मरीज मिले हैं जिनमें से पांच स्वस्थ हो गए हैं। इसके बावजूद जिला को रेड जोन में रखा जाना समझ से परे है। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार व सासद विजय माझी से भी गया जिला को रेड जोन से बाहर कराने के लिए अपने-अपने स्तर से पहल करने की माग की है। उन्होंने अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल को कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल बनाये जाने का विरोध किया। मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की महत्ता को मुक्त करने की माग की है। यह दक्षिण बिहार का एक मात्र अस्पताल है, जहां मगध प्रमंडल के साथ-साथ झारखंड राज्य के लोग भी इलाज कराने के लिए आते हैं। इसे डेडिकेटेड अस्पताल घोषित कर दिये जाने से दक्षिण बिहार के साथ-साथ निकटवर्ती झारखंड के निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।