भारत में लाक्डाउन हुए 3 महीना पूरा होने को आया है । 24 मार्च 2020 को हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे राष्ट्र में लॉक्डाउन लागू कर दिया गया। सारे सरकारी, ग़ैर सरकारी, छोटे बड़े कारख़ाने, सेवाये, सब बंद कर दिया गया। जिसकी मार बिहार प्रवासी मज़दूरों पर भी पड़ी । और वो पलायन करने लगे । अभी तक लगभग 43,000 मज़दूर, 35 विशेष ट्रेनों के माध्यम से अपने बिहार पहुँचे ।

पर ऐसे कई मज़दूर हैं, जो पैदल, साइकल, दूसरों के सवारी गाड़ियों, ट्रको, इत्यादि माध्यमों से बिहार पलायन करने लगे। इसी क्रम में गया और गया के आसपास के कई मज़दूर वापस अपने घर पहुचने लगे। रास्ते में किसी को खाना मिला, किसी ने बिना खाए अपनी यात्रा पूरी की, और कई रास्ते में ही हमें अलवीदा कह गए ।

इंडियन ऑइल के नेतृत्व में प्रवासी मज़दूरों को पेट्रोल पम्प पर खाना प्रदान करने के योजना के तहत मानपुर, गया के मेहता पेट्रोल पंप पर ये सम्भव हो सका । मेहता पेट्रोल पम्प के संचालक डॉक्टर राम कुमार मेहता ने बताया की मेहता पेट्रोल पम्प पर प्रवासी मज़दूरों को खाने के साथ विश्राम का भी प्रबन्ध कर रखा है । रात को पहुचे प्रवासी मज़दूर वहाँ पर रुक कर विश्राम सकते हैं और उनके भोजन का भी प्रबन्ध मेहता पेट्रोल पंप के द्वारा कराया जाएगा ।

हरियाणा व बनारस से साइकल द्वारा मेहता पेट्रोल पंप पहुचे थे प्रवासी मज़दूर

पिछले शनिवार को हरियाणा से 3 श्रमिक मज़दूर साइकल द्वारा मेहता पेट्रोल पम्प पहुचे थे । डॉक्टर रामकुमार मेहता द्वारा उन प्रवासी मज़दूरों को भोजन करवाया गया । वो प्रवासी मज़दूर मधेपुरा ज़िला के थे । रात होने की वजह से उनके विश्राम का भी प्रबन्ध किया गया । प्रातः 4 बजे उन्हें कुछ खाने पीने के सामान देकर मधेपुरा के लिया रवाना किया गया ।

उत्तर प्रदेश के बनारस से 3 मज़दूर साइकल द्वारा पेट्रोल पम्प पहुचे । तीनो प्रवासी शेखपुरा ज़िले के निवासी थे, और वो 2 साइकल द्वारा वह पहुचे थे । उन्हें भी डॉक्टर रामकुमार मेहता द्वारा भोजन और विश्राम करवाया गया। और अगले दिन उन प्रवासियों को रास्ते के लिए कुछ खाने-पीने के सामान देकर विदाई दी गई ।

Source : IOC App