बिहार में ग़ज़ब की स्थिथि हो गई है। आए दिन कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों का मामला बढ़ता जा रहा है। अभी प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार में 3090 कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों की संख्या है। वही मारने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। हमारे गया ज़िले में 28 मई को 10 कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ मिलने से आफ़त बढ़ गई है। 10 नए मरीज़ मिलने के कारण गया में कोरोना मरीज़ों का आँकड़ा 60 पहुँच गया है। पर लोगों पर इसका अब कोई ख़ासा असर नही दिख रहा है। मानो लोगों ने कोरोना के साथ रहने का मन बना लिया है ।

कोरोना: बिहार सरकार ने अपने हाथ खड़े कर दिए हैं, और कुछ भी बोलने से बचती आ रही है

वही बिहार के प्रवासियों के आने का सिलसिला अभी तक रुका नही है। भारत के अनेक शहरों से प्रवासी मज़दूरों वापस आ रहे हैं। वहीं सरकार की चगरमराई व्यवस्था के कारण, लोगों को ख़ासा मुस्किलो का सामना करना पड़ रहा है । ना तो लोगों के एक वक्त का खाना सही से मिल रहा है, और ना ही ज़रूरी सेवाएँ। सब कुछ मानो राम भरोसे चल रहा है। अभी कोई भी मंत्री इसपर बोलने से बचता आ रहा है। और हो भी क्यूँ ना, चुनाओ जो आने वाला है। कही उनकी एक गलती उनपर भारी ना पड़ जाए यही सोच कर सब चुप बैठे हैं। पर इसका ख़ामियाज़ा हमारे बिहारी भुगत रहे हैं।

बिहार में प्रचंड गर्मी ने और मुस्किले बढ़ाई

बिहार में पारा 47॰C तक पहुँच जाने के कारण सब कुछ मानो रुक सा गया है। गर्मी में प्रवासी मज़दूर जो क्वॉरंटीन सेंटर में हैं, उनको ना तो पंखा मिल रहा है, ना ही पानी। कई ज़िलों के क्वॉरंटीन सेंटर में बिजली तक उपलब्ध नही है। कई क्वॉरंटीन सेंटर में प्रदूषित पानी मिल रहा है, और कहीं खाने को चूड़ा और चना। मानो सरकार बोल रही हो ” बेटा आत्मनिर्भर बनो”।

क्वॉरंटीन सेंटर से भागे कई प्रवासी भागे

बिहार में सुविधाओं के आभाओं में कई क्वॉरंटीन सेंटर से लोग भाग कर अपने घरों में चले गए हैं। कई लोग प्रसाशन से गुहार लगा चुके हैं, पर उनकी सुनने वाला कोई नही है। इस महामारी को लोग और प्रसाशन बहुत हल्के में ले रही है। डर है कहीं बिहार का आँकड़ा सब को सोचने पर मजबूर ना कर दे कि ज़िम्मेदार कौन?

Source: Apna Gaya & Bihar Health Ministry