Lockdown-4 के दौरान आम लोगों को आवश्यक कारणों से कहीं आने-जाने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों का परिचालन बिहार में ऑड और ईवन के तर्ज पर चालू करने का बड़ा फैसला लिया गया है | क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक से मंगलवार को यह निर्णय लिया गया है कि सभी जिलों के डीएम और एसपी अपने इलाकों में इस आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे | परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक को अनुपालन का निर्देश दिया है |

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि ऑटो रिक्शा और ई रिक्शा का परिचालन जिला के अंदर ऑड (विषम अंक) और ईवन (सम अंक) रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर किया जायेगा | सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को ऑड नंबर के वाहन चलेंगे और मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को ईवन नंबर के वाहन चलेंगे | ऑटो रिक्षा और ई रिक्षा में ड्राइवर के अतिरिक्त मात्र दो व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी |

सचिव ने बताया कि टैक्सी, कैब, ओला, उबर आदि का परिचालन जिला के अंदर किया जायेगा और उसमें ड्राईवर के अतिरिक्त दो व्यक्तियों को बैठाने की अनुमति होगी | जिला के बाहर अंतरजिला परिचालन के लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्गत पास या स्पेशल ट्रेन के रेलवे टिकट के आधार पर किया जायेगा | जिले के अंदर विभिन्न मार्गों पर ई रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी आदि के किराये का निर्धारण संबंधित जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी |इसका निर्धारण जिलाधिकारी सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार पैसेंजर की संख्या के रिस्ट्रिक्शन को ध्यान में रखकर समुचित भाड़ा निर्धारित करेंगे |

परिवहन सचिव ने दिए हैं ये निर्देश – 

  • – बाइक टैक्सी का परिचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
  • – कंटेनमेंट जोन की सीमा में पूर्व से चल रहे प्रतिबंध लागू रहेंगे।
  • – जिले के अंदर विभिन्न मार्गाे पर ई रिक्षा, ऑटो -रिक्षा, टैक्सी आदि के किराया का निर्धारण संबंधित जिलाधिकारी द्वारा किया जायेगा।
  • – ऑटो रिक्शा एवं ई रिक्शा में ड्राइवर के अतिरिक्त, अधिकतम मात्र दो व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी।
  • – सवारी को लेकर वाहनों के परिचालन में सोशल डिस्टेंसिंग अपनना अनिवार्य होगा।
  • – ड्राइवर एवं यात्री को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
  • – वाहन चालक संबंधित वाहन को सेनिटाइज करना सुनिश्चित करेंगे।
  • – स्टैंड पर ऑटो ड्राइवर भीड़ नहीं लगायेंगे।

Source: First Bihar