लॉकडाउन के कारण फंसे छात्र- छात्राओं को कोटा से लेकर आने वाली अंतिम विशेष ट्रेन शुक्रवार को बिहार पहुंची। कोटा से कुल 11 ट्रेनें बिहार के विभिन्न दस स्टेशनों पर पहंची, जिनसे 13 हजार 473 विद्यार्थी आए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर इन बच्चों को ट्रेनों के माध्यम से लाना तय हुआ था। इन 11 ट्रेनों के परिचालन के लिए बिहार सरकार ने रेलवे को 78.43 लाख का एडवांस भुगतान किया था। बच्चों से किराया नहीं लिया गया था।

परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। आने वालों में सबसे अधिक पटना से 1250, नालंदा के 952, पश्चिम चंपारण के 756, मधुबनी और दरभंगा के 600-600 तथा गया के 553 विद्यार्थी थे। स्टेशन से बसों के माध्यम से राज्य सरकार ने बच्चों को उनके घर तक पहुंचाया। स्टेशन पर इनकी स्वास्थ्य जांच भी हुई। अभिभावकों से यह लिखित लिया गया कि कोटा से आने वाले बच्चे होम क्वारनटाइन में 21 दिनों तक रहेंगे।

उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ बड़े-बड़े बैग्स भी थे, जिनमें किताबें थी। इसलिए कुली की भी व्यवस्था सरकार ने की थी। पूरी रात कैंप कर डीएम-एसपी समेत जिला प्रशासन के अधिकारी छात्र-छात्रों को स्टेशन पर उतारे और उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने में लगे रहे। सचिव ने कहा कि बच्चों ने बताया कि बसों से आने में उन्हें काफी दिक्कतें होती। ट्रेन में आने से काफी सुविधा हुई। ट्रेन में सोने, शौचालय की सुविधा थी। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहतर था।

कुल 82 हजार से अधिक लोग पहुंचे

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने कहा कि एक से आठ मई तक विभिन्न राज्यों से 70 ट्रेनें बिहार पहुंची, जिनसे 82 हजार 554 लोग आए। इन लोगों को स्टेशन पर से प्रखंड स्तरीय क्वारनटाइन सेंटर पर बसों आदि के माध्यम से ले जाया गया। अभी तक इस तरह के 3314 सेंटर बनाए गए हैं, जहां पर 44869 लोग रह रहे हैं। शनिवार को 15 ट्रेनों से 18 हजार 115 लोग पहुंचेंगे।

विदेश से 2075 लोग आएंगे बिहार

अनुपम  कुमार ने बताया कि विदेश से बिहार आने के लिए 2075 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसकी सूचना विदेश मंत्रालय ने बिहार सरकार को दी है। इन सभी लोगों को गया एयरपोर्ट पर उतारा जाएगा। गया में ही इन सभी को क्वारनटाइन किया जाएगा। इनमें सबसे अधिक यूक्रेन से 632, बांगला देश से 480 और ओमान से 360 लोग हैं। विदेश से ये कब पहुंचेंगे, इसकी जानकारी अभी विदेश मंत्रालय ने नहीं दी है।