कोविड-19 वैश्विक महामारी कोरोना से सुरक्षा व बचाव को लेकर किए गए लॉकडाउन के दौरान विदेश में फंसे बिहार वासियों को वंदे भारत मिशन के अंतर्गत बिहार लाने की तैयारी चल रही है। बिहार के लिए गया एयरपोर्ट का चयन लैंडिंग पॉइंट के लिए किया गया है। यह संपूर्ण अभियान मगध प्रमंडलायुक्त असंगबा चुबा आओ की देखरेख में संपन्न होगा। आयुक्त की अध्यक्षता में बीटीएमसी बोधगया के सभागार में बोधगया के सभी होटल, गेस्ट हाउस, मॉनेस्ट्री के प्रबंधकों के साथ बैठक की गई। बैठक में डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि आज की बैठक पूर्व तैयारी के लिए है ताकि सरकार को बताया जा सके कि हमारी तैयारी कितनी है।

उन्होंने कहा कि हम लोगों को एक सुअवसर प्राप्त हुआ है जिसमें हम दुनिया को बता सके कि गया की छवि कितनी अच्छी है और पर्यटन के लिए इसे बेहतर स्थल क्यों माना जाता है। आयुक्त ने कहा कि विदेश में रहने वाले बिहारियों के लिए लैंडिंग पॉइंट गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को बनाया गया है। इसका कारण यह है कि गया बिहार के लिए सर्वोत्तम जगह है और सभी उम्मीद कर रहे है कि गया में सबसे बेहतर व्यवस्था हो सकती है। मानवीय दृष्टिकोण से भी यह अच्छा माना जाता रहा है। हमारे बीच, हमारे लोग ही आएंगे।

संपूर्ण बिहार के लोग के लिए गया चुना गया है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जहां से उन्हें आना है वहां से भी कई स्तर से स्क्रीनिंग एवं अनेक शर्तों के बाद उन्हें आने की छूट दी जा रही है। इसके अतिरिक्त संबंधित एयरलाइंस भी अपनी सुरक्षा को देखते हुए पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें अपने हवाई जहाज से लाएंगे। इसके बावजूद गया हवाई अड्डा पर उनकी स्क्रीनिंग होगी और किसी पर जरा सी भी संदेह होने पर उन्हें गया हवाई अड्डा से ही पृथक (आइसोलेट) कर दिया जाएगा। यह हमारे लिए अच्छी बात है कि गया में आज की तिथि में कोविड-19 के एक भी पॉजिटिव मामले नहीं है तथा अगल-बगल के जिलों से बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के रिकवरी का दर भी गया जिले में शत-प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि विदेश से जो लोग बिहार आ रहे हैं, उनका गया के ज्ञान की धरती पर हार्दिक अभिनंदन करें। उनके साथ ऐसा व्यवहार करें कि जब वे यहां से जाएं तो संपूर्ण दुनिया में यह संदेश जाए कि गया में सचमुच अतिथि देवता की तरह पूजे जाते हैं।

उन्होंने कहा कि चुकी उन्हें सुरक्षा की दृष्टिकोण से रखा जा रहा है इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बाहरी व्यक्ति उनसे 21 दिनों तक नहीं मिले चाहे उनका कोई रिश्तेदार ही क्यों ना हो। उनके रहने के दौरान होटल में सोशल डिस्टेंस(सामाजिक दूरी) का अनुपालन करना होगा। सभी स्टाफ मास्क एवं ग्लब्स में रहेंगे क्योंकि उन्हें 21 दिनों तक रहना है इसलिए एक निर्धारित किराया (रूम रेंट) ही लेना होगा। डीएम अभिषेक सिंह ने भी सभी प्रबंधकों को सेवा करने का बेहतर अवसर मिलने एवं गया की छवि को एक बार पुनः सिद्ध करने का अवसर मिलने की बात कही। डीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने जीवन काल में ऐसी विपत्ति नहीं देखी है। मानवता की सेवा के लिए इससे बेहतर और कोई अवसर नहीं हो सकता है साथ ही यह हमें एक अवसर प्रदान करता है कि गया की छवि को संपूर्ण विश्व में संस्थापित कर सके। बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार, बीटीएमसी के सचिव एन दोरजे, सहायक समाहर्ता केएम अशोक, आयुक्त के सचिव मो अफजलूर रहमान, उप विकास आयुक्त किशोरी चौधरी, उप निदेशक जनसंपर्क, जिला परिवहन पदाधिकारी, एनआईसी के तरुण कुमार, गया जिला अंतर्गत संबंधित कोषांग के पदाधिकारी, होटल, मॉनेस्ट्री के प्रबंधक उपस्थित थे।