मंगलवार को दम्माम से लौटी एक महिला की ट्रू नैट से आई पॉजिटिव रिपोर्ट और उससे उभरे गतिरोध का सिलसिला बुधवार को भी मगध मेडिकल अस्पताल में जारी रहा।

दरअसल, जिस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है उसके एक स्वजन मेडिकल अस्पताल में चिकित्सक हैं। बुधवार को जब वे अस्पताल पहुंचे तो वहां के कर्मियों ने इस बात को लेकर आपत्ति जताई कि पहले वह अपनी खुद की कोरोना जांच कराएं। इसके बाद अस्पताल में डयूटी करें। वहीं संबंधित चिकित्सक जांच कराने में रुचि नहीं दिखा रहे। इस मसले पर नोडल अफसर डॉ. एनके पासवान ने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से संबंधित चिकित्सक को कोरोना जांच कराने की सलाह दी है। रिपोर्ट आने तक क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी है। डॉ. एनके पासवान ने कहा कि चिकित्सक कॉलेज के प्राचार्य से मिलने पहुंचे थे।

गौरतलब है कि चिकित्सक का कक्ष अस्पताल अधीक्षक के कक्ष के समीप ही है। इधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एचजी अग्रवाल ने कहा कि उनकी कोई मुलाकात नहीं हुई है। बिना जांच कराए कैसे वह हमसे मिलने आ सकते हैं।

मगध मेडिकल प्रिंसिपल ने मामले की शिकायत प्रधान सचिव से की

मगध मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एचजी अग्रवाल ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने अपनी ओर से प्रधान सचिव को एक पत्र लिखा है। इसमें इस पूरे विवाद में अस्पताल की ओर से लगातार लीपापोती किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित चिकित्सक को जांच करानी चाहिए। कोरोना को लेकर आम शख्स हों या खास सबको सतर्कता बरतने की जरूरत है।

Source : जागरण

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